ज्यादातर लोगों को गैस की प्रॉब्लम रहती है। लेकिन कई लोग इस प्रॉब्लम को मामूली समझ कर इग्नोर करते हैं। लेकिन इसके कारण भूख कम होना, चेस्ट पेन, सांस लेने में परेशानी या पेट फूलना जैसी प्रॉब्लम होने लगती है। अगर गैस की वजहों के बारे में पता चल जाए तो इससे आसानी से छुटकारा पा सकते हैं। गैस्ट्रिक प्रॉब्लम होने की 5 वजहों के बारे में और साथ ही ये भी कि कैसे बचा जाए।
बैक्टीरिया – पेट में अच्छे और ख़राब बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाने से गैस बनती है कई बार ये इन्बैलेंस किसी बीमारी के साइड इफ़ेक्ट के कारण भी हो सकता है लहसुन, प्याज, बीन्स, जैसी अच्छे ख़राब बैक्टीरिया में बैलेंस बिगाड़ने के लिए जिमेदार होती है इन्हें अवॉयड करें
डेरी प्रोडक्ट्स – उम्र बढ़ने के साथ डाईजेशन धीमा होने लगता है ऐसे में दूध और दूध से बनी चीजें(दही छोड़कर) ठीक तरह से डाईजेस्ट नही हो पातीं और गैस बनती है 45 प्लस लोग डाइट में सिर्फ दही शामिल करें बाकी डायरी प्रोडक्ट का यूज कम कर दें
कब्ज – कब्ज की प्रॉब्लम होने पर बॉडी के टॉनिकस ठीक तरह से बाहर नही आ पाते इनकी वजह से गैस बनने लगती है दिनभर में 8-10 गिलास पानी पीयें डाइट में फाइबर वाले फूड्स की मात्रा बढाएं
एंटीबायोटिक्स – कुछ एंटीबायोटिक्स के साइड इफेक्ट्स से पेट में अच्छे बैक्टीरिया कम हो जाते है इससे डाईजेशन खराब होता हिया और गैस बनने लगती है अगर एंटीबायोटिक्स लेने के बाद गैस बनने की प्रॉब्लम आए, तो डॉक्टर से बात करके गस्टरो रेजिस्टंट दवाई लिखने को कहें
जल्दी में खाना – कई बार जल्दी में खाने से फूड को ठीक से चबा नही पते है इसके कारण गैस की प्रॉब्लम हो सकती है खाना आराम से चबाकर खाएं ताकि वह आसानी से डाईजेस्ट हो सके खाते समय बातें न करें
फ़ूड अलर्जी – ब्रेड और पिज़्ज़ा जैसे फूड्स कुछ लोगों को डाईजेस्ट करने में प्रॉब्लम आती है इनकी अलर्जी होने की वजह से गैस बनती है मेदे से बनी चीजें, जंक फ़ूड और बाहर का तला हुवा खान अवॉयड करें
हार्मोनल चंजेस – कई बार उम्र के साथ बॉडी होने वाले होर्मोंज चंजेस के कारण डाईजेशन खराब होने लगता है इससे गैस की प्रॉब्लम होती है बैलेंस डाइट लेने और रोज 30 मिनट एक्सरसाइज करने से डाईजेशन सुधारने में मदद मिलेगी
हमें खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी पीना है, ये याद रखे कि डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना है. लेकिन पानी कैसे पीना है, ये बहुत महत्व की बात है. आप अभी सामान्य रूप से पानी कैसे पीते है, एक गिलास पानी भरा मुह में लगाया गट गट गट एक बार में ही पी लिया, गिलास एक बार में ही ख़त्म. कुछ लोग मुंह खोल लेते है, और खोलकर ऊपर से गिराते है. और पानी लगातार गटकते जाते है ये दोनों तरीके बहुत गलत है.
अगर आप घट घट घट लगातार पानी पी रहे है तो आपके शरीर में तीन रोग तो जरुर आने वाले है, पहला Appendicitis, दूसरा हर्निया (आंतों का उतरना) और तीसरा Hydrocele. ये हर्निया सबसे ज्यादा उन्ही लोगो को आता है जो पूरा गट गट के एक बार में ही पानी पीते है और जो Hydrocele है ये थोड़ी उम्र के बाद आती है विशेष रूप से ये पुरषों में आती है. हर्निया तो माताओं में भी आ जाता है लेकिन ये Hydrocele मर्दों की बीमारी है. ये तीनो रोग उन लोगो को जरुर आते है जो एक साथ पूरा लोटा या गिलास पानी गटकते है
मतलब ये कि एक साथ गट गट पानी पीना अच्छा नही है तो आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि पानी कैसे पीना है. तो हम आपको भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया तरीका बताते है. जो पानी पिने का सबसे उत्तम नियम है. आयुर्वेद में पानी पीने का सही तरीका वही बताया गया है जैसे आप चाय पीते है जैसे आप कॉफ़ी पीते है और जैसे आप गर्म दूध पीते है. सिप-सिप करके पीना है. एक सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद दूसरा सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद तीसरा सिप लेना है. अगर आप सिप करके पानी पी रहे है तो मैं आपको जितने चाहे मर्जी के स्टाम्प पेपर पे लिखकर देने को तैयार हु कि जो भी व्यक्ति जिंदगी में सिप करके पानी पिएगा, आयुर्वेद की गारंटी है कि जिंदगी में कभी भी उसको मोटापा नही आ सकता. कभी भी उस व्यक्ति का वजन नही बढ़ेगा. जितना वजन होना चाहिए, अगर पानी सिप करके पी रहे है तो जिंदगी भर उतना ही वजन रहेगा.
आप उसका उल्टा प्रश्न पूछ सकते है कि अगर वजन बढ़ गया है तो, तो आप बिलकुल चिंता ना करे. आप सिप करके पानी पी लीजिये 6 से 7 महीने में 10 किलो वजन आपका घट जायगा. ये जो मोटापा है, ये धीरे धीरे आया है, एक दम नहीं आया है. इसलिए धीरे धीरे ही कम होगा. यही प्रकृति का नियम है. अगर आप इसके विपरीत जाकर वजन कम करेंगे तो एक बार तो कम हो जायेगा लेकिन जैसे ही आप उस चीज को छोड़ दोगे पहले से भी ज्यादा मोटापा आ जाएगा.
अब आपके मन में एक सवाल आयेगा कि पानी ऐसे पीने से वजन ज्यादा घट गया तो?. उसकी आप बिलकुल भी चिंता मत करिये, जितना बढ़ा हुआ है उतना ही घटेगा. घटने के बाद स्थिर हो जाएगा. आप हमेसा सिप करके ही पानी पीजिये. इसका दूसरा फायदा ये होगा कि अभी आप कल से ही देखेंगे, अगर सिप करके पानी पिने की आदत अपने डाली तो ये जो घुटने का दर्द है ये 7 दिन लगातार पानी ऐसे पीने से 25 % ख़त्म हो जायेगा. ऐसे ही अगर एडी का दर्द है, या जॉइंट का पैन ये तो 7 दिन में 100 % खत्म हो जायगा.
ये जो जॉइंट में पैन आपको होता है ये 25 से 30% 7 दिन में कम हो जायगा और सवेरे सवेरे उठते ही जिनको सर दर्द होता है, चक्कर आते है, ये 7 दिन में तीनो ही गायब हो जायंगे. पहला सूत्र था खाना खाने के बाद पानी नही पीना है, डेढ़ घंटे के बाद पीना है. और अगर कुछ पीना है तो सुबह जूस पीना है, दोपहर को लस्सी या छांछ पीनी है, रात को दूध पीना है और दूसरा सूत्र ये है कि पानी हमेसा घूंट घूंट थोडा थोडा करके पीना है.
इस विडियो में देखिए कैसे मोटापा कम होगा ;
ये है वो 8 गलतियां
वजन घटाने के लिए सही रुटीन और डाइट प्लान फॉलो करना काफी जरूरी होता है। अगर हम दिनभर की एक्टिविटीज में कुछ ऐसी चीजें खा लेते हैं जिनमें कैलोरी की काफी मात्रा होती है तो वजन तेजी से बढ़ने लगता है। डाइट से जुड़ी कुछ गलतियों का ध्यान रख कर हम मोटापे से बच सकते डाइट से जुड़ी ऐसी 8 गलतियां जो वजन बढ़ाती हैं.
खाने के बीच या बाद में पानी पीना – खाने के बीच में ज्यादा पानी पी लेने से खाना सही तरीके से डाईजेस्ट नही हो पाता ऐसे में खाना फैट में बदल जाता है जिससे मोटापा बढ़ने लगता है, खाना के 30 मिनट पहले और एक घंटे बाद ही पानी पिएं
टी.वी देखते हुए खाना – रोज लम्बे समय तक टी.वी. देखते हुए खाना खाने से ओवर डाईटिंग हो जाती है ऐसे में अगर हम हाई कैलोरी वाले स्नैक्स खाते तो मोटापा तेजी से बढ़ने लगता है
रोज एक तरह का फ़ूड खाना – रोज एक ही तरह के फ़ूड खाने से बॉडी को जरुरी न्यूट्रीयंट्स नही मिल पाते है ऐसे में मेटाबोलिजम स्लो हो जाता है किस्से मोटापा बढ़ने लगता है
कॉफ़ी पीना – दिन में 2 या 3 से ज्यादा कॉफ़ी पीने और साथ में स्नैक्स लेने से बॉडी को ज्यादा मात्रा में कैलोरी मिलने लगती है ऐसे में फैट बढ़ने लगता है. इसमे केफीन होता है, जो नशे की तरह काम करता है.
नाश्ता न करना – सुबह का नाश्ता न करने से बॉडी को पर्याप्त एनर्जी नही मिल पाती है इससे दिनभर कुछ न कुछ खाने की इच्छा होती है इससे वजन बढ़ने लगता है. सुबह पेट भरकर खाना खाए. रातको कम खाना खाएं
स्नैक्स खाना – दिनभर बैठे रहने और स्नैक्स खाने से बॉडी को हाई कैलोरी मिलती है ऐसे में तेजी से वजन बढ़ने लगता है
शराब पीना – शराब पीने से बॉडी को काफी मात्रा में कैलोरी मिलती है इसके बाद खाना खाने और तुरंत सो जाने से मोटापा बढ़ने लगता है
इस विडियो में देखिए कैसे मोटापा घटा सकते है, वो भी बिना एक्सरसाइज >>
फूड डेस्क। ब्रिटेन के प्रोफेसर ज्होन युडकीन ने अपने रिसर्च से साबित किया है कि शक्कर व्हाइट प्वाइजन है। “इस रिसर्च में जो उन्होंने बताया ये सब राजीव भाई 10 साल पहले ही बता चुके थे”. इसे खाने से ब्लड में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है जिससे ब्लड वेसल्स की दीवारें मोटी हो जाती हैं और हार्ट अटैक की संभावना बढ़ती है। सिर्फ शक्कर ही नहीं बल्कि और भी कई फूड है जिनका असर स्लो प्वाइजन की तरह बॉडी पर होता है।
हम बता रहे हैं ऐसे ही 10 फूड के बारे में ;
शक्कर: इसे खाने से लीवर में गलाइकोजन की मात्रा कम होती है, जिससे मोटापा, थकान, माइग्रेन, अस्थमा और डायबिटीज बढ़ सकती है, ज्यादा खाने से बुढ़ापा जल्दी आता है
आयोडीन नमक :- इसमे सोडियम की मात्रा अधिक होती है, ज्यादा खाने से हाई BP की संभावना बढती है जिससे हार्ट अटैक हो सकता है. इससे कैंसर और आस्तियोपोरोसिस के चांस बढ़ते है.हमेसा काला या सेंधा नमक इस्तेमाल करे
मैदा :- मैदा बनाने की प्रोसेस में फाइबर निकल जाते है, ज्यादा मैदा खाने से लगातार पेट की प्रॉब्लम होती है. इसमे बलिचिंग एजेंट होते है. जो खून पतला करते है और हार्ट प्रॉब्लम बढ़ाते है
कोल्ड ड्रिंक :- इसमे शक्कर और फास्फोरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, ज्यादा कोल्ड ड्रिंक पिने से ब्रेन डैमेज या हार्ट अटैक हो सकता है, और इससे बड़ी आंत तक सड जाती है अमिताभ बच्चन के साथ यही हुआ था
फ़ास्ट फ़ूड :- इसमे मोनोसोडियम ग्लूटामेट होता है जिससे ब्रेन पॉवर कम होती है और मोटापा तेजी से बढ़ता है. साथ ही हार्ट प्रॉब्लम का खतरा बढ़ता है.
अंकुरित आलू :- इसमे ग्लाइकोअल्केलाइड्स होते है जिससे डायरिया हो सकता है, इसी तरह के आलू लगातार खाने से सिर दर्द या बेहोशी हो सकती है
मशरूम :- कच्चे मशरूम में कार्सिनोजेनिक कंपाउंड होते है जिससे कैंसर के चांस बढ़ते है इसलिये मशरूम को अच्छी तरह उबालने के बाद ही यूज़ करना चाहिए.
राजमा :- कच्चे राजमा में ग्लाईकोप्रोटीन लेकितन होता है जिससे उलटी या इनडाईजेशन की प्रॉब्लम लगातार बनी रहती है. इसलिये राजमा को हमेशा अच्छी तरह उबालकर खाना चाहिए
जायफल:- इसमे myristicin होता है जिससे बार – बार हार्ट रेट बढती है, उलटी और मुह सूखने की प्रॉब्लम लगातार बनी रहती है. ज्यादा खाने से ब्रेन पॉवर कम होती है.